समर्थक

SWAMI VIVEKANAND SAID:



"TALK TO YOURSELF ATLEAST ONCE IN A DAY
OTHERWISE
YOU MAY MISS A MEETING WITH AN EXCELLENT PERSON IN THIS WORLD".........

शनिवार, 9 अक्तूबर 2010


चढ़कर इश्क की कई मंजिले
अब ये समझ आया
इश्क के दामन में फूल भी है
और कांटे भी
और मेरे हाथ काँटों भरा
फूल आया
-------------
फूल सा इश्क पाकर
फूला न समाया
पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
ज़रूर चुभाया
----------------
अब तो मेरी हालत देख
दोस्त ये कहे
इश्क का तो यही ताकाज़ा है
तेरा दिल हर फूल पे
क्यों आया

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इतनी अच्छी प्रस्तुति पर खो सा गया हूं... और मौन हूं! बस इतना कहना है
    जिसको चाहा वही मिला होता
    तो मुहब्बत मज़ाक़ हो जाती

    बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    फ़ुरसत में …बूट पॉलिश!, करते देखिए, “मनोज” पर, मनोज कुमार को!

    उत्तर देंहटाएं
  2. फूल सा इश्क पाकर
    फूला न समाया
    पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
    ज़रूर चुभाया

    बहुत खूब ..

    उत्तर देंहटाएं
  3. फूल सा इश्क पाकर
    फूला न समाया
    पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
    ज़रूर चुभाया
    सुन्दर प्रयोगमय रचना ...
    भाव सघन

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है!
    या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    मरद उपजाए धान ! तो औरत बड़ी लच्छनमान !!, राजभाषा हिन्दी पर कहानी ऐसे बनी

    उत्तर देंहटाएं

iframe>

Comments

विजेट आपके ब्लॉग पर

BidVertiser

www.hamarivani.com

www.hamarivani.com