चढ़कर इश्क की कई मंजिले
अब ये समझ आया
इश्क के दामन में फूल भी है
और कांटे भी
और मेरे हाथ काँटों भरा
फूल आया
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फूल सा इश्क पाकर
फूला न समाया
पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
ज़रूर चुभाया
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अब तो मेरी हालत देख
दोस्त ये कहे
इश्क का तो यही ताकाज़ा है
तेरा दिल हर फूल पे
क्यों आया
आपकी इतनी अच्छी प्रस्तुति पर खो सा गया हूं... और मौन हूं! बस इतना कहना है
जवाब देंहटाएंजिसको चाहा वही मिला होता
तो मुहब्बत मज़ाक़ हो जाती
बहुत अच्छी प्रस्तुति।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
फ़ुरसत में …बूट पॉलिश!, करते देखिए, “मनोज” पर, मनोज कुमार को!
फूल सा इश्क पाकर
जवाब देंहटाएंफूला न समाया
पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
ज़रूर चुभाया
बहुत खूब ..
फूल सा इश्क पाकर
जवाब देंहटाएंफूला न समाया
पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने
ज़रूर चुभाया
सुन्दर प्रयोगमय रचना ...
भाव सघन
बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है!
जवाब देंहटाएंया देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
मरद उपजाए धान ! तो औरत बड़ी लच्छनमान !!, राजभाषा हिन्दी पर कहानी ऐसे बनी
adbhut post badhai
जवाब देंहटाएंsundar rachna badhai
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