समर्थक

SWAMI VIVEKANAND SAID:



"TALK TO YOURSELF ATLEAST ONCE IN A DAY
OTHERWISE
YOU MAY MISS A MEETING WITH AN EXCELLENT PERSON IN THIS WORLD".........

मंगलवार, 17 अगस्त 2010

मन की बात

रे मन तेरी ये दुस्साहस जो तूने प्रेम रचा डाला,
तिल-तिल जलती इस मन को अब दे छांव प्यार की मिटे ज्वाला II

मन की माने या दुनिया की जो बार बार ये बतलाती है ,
की प्यार  आग का दरिया है डूब के ही हमें पार जाना हैii

मन के कोने से आस जगी नहीं डरने की ये बात नहीं ,
प्यार ही तो है नफरत तो नहीं दुनिया की शाश्वत गाथा यही II

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

iframe>

Comments

विजेट आपके ब्लॉग पर

BidVertiser

www.hamarivani.com

www.hamarivani.com